जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
घरोँ की देहलीज पर,
सच को शान्त भाव से,
सामने लाने वाले,
कितने पानेसर,कुलबर्गी,दाभोलकर,
और कितनी निर्भीक गौरी लंकेश मरवाओगे?
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
लाशोँ की तिजारत से,
जुल्म और अन्याय की सत्ता,
यदि बरकरार रहती,
तो तोजो, हिटलर और मुसोलिनी,
हिकारत से चौराहे पर,
उलटे नहीँ लटकाये जाते।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
गोडसे के मंदिर बना,
देश और विदेश की धरती पर,
गाँधी की अहिँसा के गीत गा गाकर,
गुजरात की गाद को,
गंगा नहीँ बना सकते।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
सौ और पचास दिनोँ की गिनती,
गिन-गिनकर,
देश के हर चौराहे पर,
कितने,
दिन को दिन कहने वालोँ को,
फाँसी पर झुलाओगे?
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
इनायत करो,
इस मुल्क पर इतनी सी,
बिना जगदगुरु, फटी लंगोटी भली हमेँ,
नहीँ चाहिये,
बैँक खातोँ का धन,
हो सके तो,
हमारे बुरे दिन वापस लौटा दो?
जुमलेबाज!
इन्तहा होगयी जुल्मोँ की,
अब यह गौरी,
महाकाल को अर्ध्य देने चली है।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
सवा सौ करोड़ भैरव,
जागने को आतुर हैँ।
कितने किराये के हत्यारोँ से,
पानेसरोँ, दाभोलकरोँ,
कुलबर्गियोँ और गौरियोँ के,
मूँह बंद करवाओगे?
.............. प्यारेलाल भाम्बू ............
जुमलेबाज!!
घरोँ की देहलीज पर,
सच को शान्त भाव से,
सामने लाने वाले,
कितने पानेसर,कुलबर्गी,दाभोलकर,
और कितनी निर्भीक गौरी लंकेश मरवाओगे?
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
लाशोँ की तिजारत से,
जुल्म और अन्याय की सत्ता,
यदि बरकरार रहती,
तो तोजो, हिटलर और मुसोलिनी,
हिकारत से चौराहे पर,
उलटे नहीँ लटकाये जाते।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
गोडसे के मंदिर बना,
देश और विदेश की धरती पर,
गाँधी की अहिँसा के गीत गा गाकर,
गुजरात की गाद को,
गंगा नहीँ बना सकते।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
सौ और पचास दिनोँ की गिनती,
गिन-गिनकर,
देश के हर चौराहे पर,
कितने,
दिन को दिन कहने वालोँ को,
फाँसी पर झुलाओगे?
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
इनायत करो,
इस मुल्क पर इतनी सी,
बिना जगदगुरु, फटी लंगोटी भली हमेँ,
नहीँ चाहिये,
बैँक खातोँ का धन,
हो सके तो,
हमारे बुरे दिन वापस लौटा दो?
जुमलेबाज!
इन्तहा होगयी जुल्मोँ की,
अब यह गौरी,
महाकाल को अर्ध्य देने चली है।
जुमलेबाज!
जुमलेबाज!!
सवा सौ करोड़ भैरव,
जागने को आतुर हैँ।
कितने किराये के हत्यारोँ से,
पानेसरोँ, दाभोलकरोँ,
कुलबर्गियोँ और गौरियोँ के,
मूँह बंद करवाओगे?
.............. प्यारेलाल भाम्बू ............

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